छत्तीसगढ़ राज्य की प्रमुख औद्योगिक नीतियाँ
राज्य की प्रमुख औद्योगिक नीतियों का वर्णन निम्न है :-
****राज्य की नई राज्य औद्योगिक नीति , 2014 -19 ***
* राज्य की नई औद्योगिक नीति , (2014 -19) 1 नवंबर ,2014 से लागू है। इस नीति में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन से संबंधित प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभाग द्वारा अधिसूचनाएँ एवं प्रशासनिक आदेश जारी किये जाते है।
* इसमें अनुसूचित जाति /जनजाति के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है।
* इसमें स्टाम्प शुल्क से छूट ,ब्याज अनुदान ,मार्जिन मनी अनुदान आदि से संबंधित सुविधाएं प्रदान की जाती है।
* इस नीति के अंतर्गत विनिर्माण क्षेत्रो को " मेक इन छत्तीसगढ़ " में प्राथमिकता से प्रोत्साहित करना,स्थानीय नागरिको के कौशल विकास में उद्योगो की भागीदारी को सुनिश्चित करना एवं राज्य के मूल निवासियों को स्व -उद्धम की ओर प्रेरित करना शामिल है।
* औद्योगिक इकाइयां इसके लिए स्वतंत्र होगी की वह औधोगिक नीति ,2014 -19 अथवा 2014 -19 में से किसी एक का विकल्प लेने हेतु विकल्प प्रस्तुत कर सकती है।
* उद्योगों को किसी एक नीति के तहत ही लाभ पहुंचाया जा सकता है, जैसे - किसी उद्योग ने औद्योगिक नीति ,2014 -9 का विकल्प चुना ,तो उसको औद्योगिक नीति 2014 - 19 लाभन्वित नहीं कर सकती है।
* सूक्ष्म ,लघु , मध्यम एवं वृहद श्रेणी के उद्योग अपना विकल्प पत्र जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रो को तथा मेगा प्रोजेक्ट एवं अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट श्रेणी के उद्योग संचालनालय उद्योग एवं राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के कार्यालय रायपुर में अपना विवरण पत्र प्रस्तुत कर सकते है।
*****ऑटोमोटिव उद्योग नीति ,2012 -17 रायपुर****
* ऑटोमोटिव उद्योग नीति 1 नवंबर ,2012 से 31 अक्टूबर ,2017 को लागू हुई।
* मूल्य संवर्धित कर एवं केंद्रीय विक्रय कर में रियायत प्रतिपूर्ति -मूल एवं सहायक इकाई को स्थायी पूँजी निवेश का अधिकतम 150 % तक सीमित ,अधिकतम समयावधि 18 वर्ष है।
* केंद्रीय विक्रय कर में प्रचलित दर का 50 % , अधिकतम 18 वर्षो की अवधि तक छूट का प्रावधान है।
* विधुत शुल्क में 10 वर्ष तक का छूट है।
*प्रवेश कर भुगतान से 8 वर्ष तक छूट है।
* पंजीयन शुल्क में छूट -भूमि रोड प्रकोष्ट पर 100 % छूट का प्रावधान है।
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