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Monday, 29 June 2020

छत्तीसगढ़ की नदियाँ Rivers of chhattisgarh , nadiya cg , cgpsc

 

Rivers of chhattisgarh 

 

छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी नदियाँ जो छत्तीसगढ़ के वैभव की प्रतीक  हैं।  राज्य की कुछ प्रमुख नदियाँ  निम्नलिखित हैं  :-

 

१.   महानदी  

     यह छत्तीसगढ़  प्रदेश की जीवन रेखा हैं।  महानदी रायपुर के निकट सिंहावा पर्वत से 420 मि. की ऊंचाई   से निकल के  दक्षिण पूर्व की ओर  से उड़ीसा के पास से बहते हुए बंगाल की खाड़ी में समा जाती है।  

छत्तीसगढ़ राज्य में इसकी लम्बाई 286 किमी. है। महानदी की कुल लम्बाई 858 किमी. हैं।  इस पर दुधावा , माढ़मसिल्ली , गंगरेल , सिकासेर ,सोंढुर  बांध बने  है।  उड़ीसा पर विशाल हीराकुंड बांध भी इसी नदी पर बना हैं।   

 

 

 

 

२.   मनियारी नदी 

       यह नदी बिलासपुर के उत्तर -पश्चिम में लोरमी पठार से निकलती है।  इसका उद्गम स्थल मुखंडा पहाड़ बेलपान  के कुंड तथा लोरमी का पहाड़ी क्षेत्र हैं।  यह दक्षिणी -पूर्वी भाग में बिलासपुर तथा मुंगेली तहसील की सीमा बनाती हुई प्रवाहित होती हैं।   आगर ,छोटी नर्मदा  तथा घोंघा इसकी सहायक नदिया हैं।  इस नदी पर खरंग  मनियारी  जलाशय का निर्माण किया गया हैं ,जिससे मुंगेली तहसील के 42. 510 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाती हैं। इस नदी की कुल लम्बाई 134 किमी. हैं। 

 

३.   लीलागर 

      इस नदी का उद्गम कोरबा की पूर्वी पहाड़ी से हुआ है।  यह कोरबा क्षेत्र से निकल कर  दक्षिण में बिलासपुर और जांजगीर तहसील की सीमा बनाती हुई शिवनाथ नदी में मिल जाती हैं।  इस नदी की कुल लम्बाई 135 किमी. और प्रवाह क्षेत्र 2. 333 वर्ग किमी. हैं।  


४.   कोटरी नदी 

          यह इंद्रावती नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी हैं।  इसका उद्गम दुर्ग जिले में हुआ हैं।  इसका अपवाह क्षेत्र दक्षिण -पश्चिम सीमा पर राजनंदगांव  की उच्च भूमि में है।  

 

५.    डंकनी और शंखनी 

          ये दोनों इंद्रावती की सहायक  नदियां हैं।  डंकनी नदी किलेपाल एवं पाकनर की डांगरी -डोंगरी से तथा शंखनी नदी बैलाडीला की पहाड़ी के 4000 फीट ऊंचे नंदिराज शिखर से निकलती हैं।  इन दोनों नदियों का संगम दंतेवाड़ा में होता हैं।  

 ६.   बाघ नदी 

      यह नदी राजनांदगांव जिले की कुलझारी पहाड़ी से निकलती हैं, जो राजनांदगांव जिले की सीमा का निर्धारण करती है।  

७.   नारंगी नदी 

        यह नदी चित्रकूट प्रपात के निकट इंद्रावती से मिलती है।  

८.    गुड़रा नदी 

          यह नदी छोटे डोंगर की चट्टानों के बीच अबूझमाण्ड के वनो से घिरी हुई पहाड़ियों से प्रभावित है।  

९.  मारी  नदी 

     यह नदी दक्षिण-पश्चिम दिशा में भैरवगढ़  से निकल कर  बीजापुर की ओर प्रवाहित होती है।  इसे मोरल नदी भी कहते है। 

 

१०.   सबरी नदी 

      यह दंतेवाड़ा के निकट बैलाडीला पहाड़ी से निकलती है।  और आँध्रप्रदेश के निकट गोदावरी नदी में मिल जाती है।  बस्तर जिले में इसका प्रवाह क्षेत्र 180 किमी. हैं। 

 

११.   इंद्रावती नदी 

      इंद्रावती गोदावरी की सबसे बड़ी सहायक नदी हैं।  यह बस्तर की जीवनदायिनी नदी है। यह इस संभाग की सबसे बड़ी नदी है।  इसका उद्गम उड़ीसा राज्य में कालाहांडी जिले के युआमल नामक स्थान में डोगरला पहाड़ी से हुआ है।  यह आंध्रप्रदेश में जा के गोदावरी नदी में मिल जाती है।  जगदलपुर शहर इंद्रावती नदी के तट पर बसा हुआ है।  इस नदी का प्रवाह क्षेत्र 26. 620 वर्ग किमी. है।  

 

१२.   खारुन नदी 

        यह महानदी की सहायक नदी हैं।  यह दुर्ग जिले की बालोद तहसील के सजारी क्षेत्र से निकल कर  शिवनाथ नदी में मिलती है। इस नदी की लम्बाई 208 किमी. है।  तथा प्रवाह क्षेत्र 22, 680 वर्ग किमी. है।  

 

 

 

 

१३.  शिवनाथ नदी 

          यह महानदी की प्रमुख सहायक नदी है।   यह राजनांदगांव जिले की अम्बागढ़  तहसील की 625 मि.  ऊंची पानाबरस पहाड़ी  क्षेत्र निकल कर  बलौदा-बाजार तहसील के पास महानदी में मिल जाती है।  इसकी प्रमुख सहायक नदियां  लीलागर ,मनियारी ,आगर , हांप , सुरही ,खारुन तथा अरपा आदि हैं।  इसकी कुल लम्बाई 290 किमी. हैं।      

               

१४.  हसदो नदी 

        यह महानदी की दूसरी सहायक नदी है।  तथा कोरबा के कोयला क्षेत्र में तथा चांपा मैदान में प्रवाहित होने वाली प्रमुख नदी है।  यह सरगुजा की कैमूर की पहाड़ियों से निकलकर कोरबा , बिलासपुर जिलों में बहती हुई महानदी में मिल जाती है।  हसदो का अधिकांश प्रवाह क्षेत्र उबड़ -खाबड़ है।  इसकी कुल लम्बाई 209 किमी. और प्रवाह क्षेत्र  7. 210 किमी. हैं।  

 

 

 

 

१५.   अरपा नदी 

         इसका उद्गम क्षेत्र पेंड्रा पठार की खाड़ी की पहाड़ी से हुआ हैं ,यह महानदी की सहायक नदी है।  यह बिलासपुर तहसील में प्रवाहित होती है।  और बरतोरी के निकट ठाकुर देव नामक स्थान  पर शिवनाथ नदी में मिल जाती है।  इसकी लम्बाई 147 किमी. है।  

 

१६.   तांदुला नदी  

         यह नदी कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के उत्तर में स्थित पहाड़ियों से निकलती है।  यह शिवनाथ की प्रमुख सहायक नदी है।  इसकी लम्बाई 64 किमी. है।  तांदुला बांध इसी नदी पर बालोद तथा आदमाबाद के निकट बनाया गया है।  इससे पूर्वी भाग में नहरों से सिचाई होती है।  

 

१७.   पैरी नदी 

       यह महानदी की सहायक नदी है।  गरियाबंद तहसील के अत्ररीगढ़ पहाड़ी से निकलकर महानदी में राजिम में आकर मिलती है।  इसकी लम्बाई 90 किमी. है।  तथा प्रवाह क्षेत्र 3000 वर्ग मि. है।  

 

 

 

 

 

१८.   जोंक नदी 

        यह नदी रायपुर के पूर्वी क्षेत्र का जल लेकर शिवरीनारायण के ठीक विपरीत दक्षिण तट पर महानदी में मिलती है।  इसकी रायपुर जिले में लम्बाई 90 किमी. तथा इसका प्रवाह क्षेत्र 2. 480 वर्ग मी. है। 

 

१९.    मांड नदी 

       सरगुजा जिले के मैनपाट के पास  से निकलकर यह रायगढ़ ,सरगुजा ,बस्तर , जांजगीर जिलों में बहती हुई चंद्रपुर के निकट महानदी में मिल जाती है।  रायगढ़ जिले में इसकी लम्बाई 174 किमी. तथा अपवाह क्षेत्र 4033 वर्ग किमी. है।    

        

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